पत्रकारिता छेत्र मे एंकरिंग करना चाहती हूँ........

बातों बातों में हमने किए कुछ सवाल इलाहाबाद कि निवासी सोनाली कनौजिया जो कि लखनऊ विश्वविद्यालय से  पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढाई कर रही हैं। 

रबिन्शू:-आपका जन्म कहाँ हुआ?
सोनाली:- मेरा जन्म उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद जिले मे हुआ। जब में कक्षा एक मे थी तभी मुझे लखनऊ भेज दिया गया था जिससे मैं अपनी आगे की पदाइ अच्छी कर सकूँ।


रबिन्शू:-इलाहाबाद से लखनऊ का सफर कैसे तय हुआ? क्या आप यहाँ पीजी मे रहती हैं या फिर किसी रिश्तेदार के घर?
सोनाली:- यहाँ मैं अपनी नानी के साथ रहती हूँ। जैसा की हम सभी जानते हैं लखनऊ उत्तर प्रदेश कि राजधानी हैं तो यहाँ पर हर तरह कि सुख सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहाँ का जो वातावरण है वो मुझे भाता है.....जब जब मैं इलाहाबाद जाती हूँ तब तब मुझे लखनऊ जल्दी वापिस आने का मन करता है।  

रबिन्शू:- आपके शौक क्या हैं?
सोनाली:- हॉर्स राइडिंग करना, स्कूटी से लंबी ड्राइव पे जाना, फ़्रेंड्स के साथ पार्क और माल मे घूमना।

रबिन्शू:- क्या आपको जानवर पालने का शौक है?
सोनाली:- हाँ मुझे पालतू जानवरों को पालने का बहुत शौक है। मैंने अपने घर मे एक तोता और पाँच मछलियाँ भी पाल रखी हैं। मेरे पास एक जर्मन शेरफेर्ड कुत्ता भी था जिसकी पिछले वर्ष एक दर्दनाक मौत हो गई।

रबिन्शू:- जाइके की बात करें तो खाने-पीने मे क्या कहेंगी? आप शाकाहारी हैं या मांसाहारी?
सोनाली:-  हाँ मैं मांसाहारी हूँ, बीर्यानी मेरी सबसे ज़्यादा फावराते है। इसके अलावा मैं चिकन, मटन और फिश भी खाती हूँ। पीने मे मुझे सभी ऑरेंज फ्लेवर की सॉफ्ट ड्रिंक्स अच्छी लगती है। ड्रिंक्स मे फेवरेट है कोल्ड काफी। स्वीट डिश के बारे मे आप अगर पूंछे तो मिठाई एक मेरी ऐसी कामजौरी है जो कि मुझे किसी भी समय मिल जाए मैं ना नहीं कर पाती।

रबिन्शू:- आप पकवान खाने मे जितनी रुचि रखती हैं क्या बनाने मे भी उतनी दिलचस्पी हैं?
सोनाली:- हा हा हा..... जी ऐसा बिलकुल भी नहीं हैं। मुझे सिर्फ मैगी बनानी आती है और इसके अलावा मुझे खाना बनाना नहीं आता है।
 
रबिन्शू:- इंटर(12th) की पढाई के बाद यह पत्रकारिता के छेत्र में कैसे दिलचस्पी आई?
सोनाली:- मैंने अपना इंटर साइन्स के विषय में 86% अंकों के साथ पास किया था। घरवाले चाहते थे कि मैं इंजीनियर बनू लेकिन मेरी रुचि एंकरिंग मे थी। मैंने काफी बहस के बाद बी॰सी॰ए मे दाखिला ले लिया। दाखिले के बाद अर्न वाइल यू लर्न वाले कान्सैप्ट को मैंने फॉलो किया था। जब मैं फ़र्स्ट इयर मे थी तभी मैंने एक प्रकाशन मे जॉब शुरू कर दी थी। सेकंड इयर मे आते ही मुझे एवेंट्स मे एंकरिंग के मौके भी मिलने लगे जिससे मैंने अपनी एंकरिंग की स्किल्स को अच्छा किया। फिर मैंने फेसला किया कि पी॰जी मैं जन संचार से ही करूंगी।

रबिन्शू:- लखनऊ मे पत्रकारिता और जनसंचार कि पदाइ करने वाले कई सरकारी और प्राइवेट विश्वविद्यालय है लेकिन उसके बावजूद आपने लखनऊ विश्वविद्यालय मे दाखिला क्यूँ लिया?
सोनाली:- लखनऊ विश्वविद्यालय मे दाखिला लेने से पहेले मैंने और भी कॉलेजों की एनालिसिस की। लेकिन जब मुझे पता चला कि यहाँ का एम॰जेए॰म॰सी॰ अन्य कोर्स कि तरह नहीं है। यह एक प्रॉफेश्नल कोर्स है और इस विभाग मे रोजाना क्लासेस मे पदाइ भी होती है तभी मैंने ठान लिया कि मैं यहीं एड्मिशन लूँगी।
          
रबिन्शू:- नोवेल्स पड़ने मे आपका इंटरेस्ट है?
सोनाली:- हाँ, मुझे नोवेल्स पड़ना अच्छा लगता है। मैंने हाल ही मे रविंदर जी कि आई टू हैड अ लव स्टोरी ’, चेतन भगत कि टू स्टेट्स पड़ी है। इसके अलावा मैंने हाफ गर्लफ्रेंड और रिवोलयूशन ट्वेंटी- ट्वेंटी भी पड़ी।

रबिन्शू:- प्रिंट मीडिया और एलेक्ट्रोनिक मीडिया की यदि हम मिलानी करें तो आपको कौन ज्यादा बेहतर लगता है और क्यों?
सोनाली:- मेरे हिसाब से प्रिंट मीडिया ज्यादा बेहतर है क्योंकी बड़ी से बड़ी घटना  ना हो जाए प्रिंट मे हमे अलग अलग तरह कि खबरें पड़ने को मिलती हैं और दूसरी तरफ एलेक्ट्रोनिक मे वो पूरे दिन एक ही मुख्य खबर को घूमा फिरा के दिखाते हैं।

रबिन्शू:- तो क्या आप को लगता है कि जिस तरह कि खबरें टी॰वी में दिखाई जाती हैं उसमे कुछ बदलाव कि जरूरत है?
सोनाली:- आज कि जो मीडिया है वो पॉलिटिकल और कॉर्पोरेट कि खबरों मे ज्यादा फोकस कर रही है। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी की समस्याएँ बडती जा रही हैं और लोगों कि जरूरतें पूरी नहीं हो प रही है, तो इन जैसे विषयों पर क्यों नहीं खबर चलाई जाती। टी॰आर॰पी जैसी चीज़ के चक्कर मे चैनल भूल जाती है कि खबरों का असली मईना क्या है?

रबिन्शू:- क्या आपको लगता है कि मीडिया की एक आवाज से बहुत कुछ बदल सकता है?
सोनाली:- जी हाँ मीडिया एक चौथी आवाज है जिससे हम समाज मे बहुत कुछ परिवर्तन कर सकते हैं। हाल ही मे निरभया काण्ड जैसी घटना पर बीबीसी ने एक डॉक्युमेंट्री बना कर आवाज़ उठाई है जिससे लोग उस पूरी घटना को समझ सकें और गंदी सोंच रखने वाले लोग अपने विचारों मे संशोधन करें।

रबिन्शू:- जैसा कि आपने बताया कि आप एंकर बनना चाहती हैं तो इसमे किस तरह कि बीट मे रेपोर्टिंग करेंगी?
सोनाली:- मेरा पॉलिटिक्स मे इंटरेस्ट कम है। हाँ स्पोर्ट्स मे मेरी विशेष रूचि है, उससे मैंन शुरुवात करूंगी। डिबेट शो लिए एक अच्छा एक्सपीरियन्स चाहिए।


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